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ईश्वर की शक्ति असीम और अपरम्पार है। सूरज की रोशनी आखिर धरती पर कैसे पहुंचती है। धरती अनेक मौसम आते हैं। परंतु उनको बारी बारी से एक क्रम में कौन लाता है? धरती को और सौर मंडल के अनेक तारों और ग्रहों को कौन थामे रहता है? आखिर कौन है वो शक्ति?ईश्वर की असीम शक्ति को रेखांकित करती हुई कविताएं।


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धरती पर ले आता कौन

ईश्वर की शक्ति असीम और अपरम्पार है। सूरज की रोशनी आखिर धरती पर कैसे पहुंचती है। धरती अनेक मौसम आते हैं। परंतु उनको बारी बारी से एक क्रम में कौन लाता है? धरती को और सौर मंडल के अनेक तारों और ग्रहों को कौन थामे रहता है? आखिर कौन है वो शक्ति?ईश्वर की असीम शक्ति को रेखांकित करती हुई कविता।


=====

दिनकर की दीप्ति को आखिर,


अवनि पर पहुंचाता कौन?


शीत ग्रीष्म वृष्टि को क्रम से,


एक एक कर लाता कौन?


=====


एक अहन को तृण हस्त में,


रख पाना ना आसां है,


किंतु उसकी पाणि में शशि ,


मुष्टि में कहकशाँ है?


=====


दिनकर को रचता अंतर में,


तारों को धरता अंदर में,


ग्रह को रखता जो अभ्यंतर,


परम तत्व वो शक्ति कौन?


=====


दिनकर की दीप्ति को आखिर,


अवनि पर पहुंचाता कौन?


शीत ग्रीष्म वृष्टि को क्रम से,


एक एक कर लाता कौन?


=====


अजय अमिताभ सुमन


सर्वाधिकार सुरक्षित


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10 de Marzo de 2023 a las 04:04 0 Reporte Insertar Seguir historia
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